अध्याय 131

सेथ की नज़र फिर से लौटकर लैला के चेहरे पर टिक गई।

लैला की मुस्कान एक पल को लड़खड़ाई, फिर उसने खुद को संभाल लिया। उसने उसकी नज़रअंदाज़ करती हुई सिर हिलाया। “मैं आज सुबह वहाँ गई थी।”

एलिज़ाबेथ ने लंबी साँस ली और लैला के हाथ पर हल्के से थपकी दी।

यह नाज़ुक बात थी, मगर लैला शांत रही।

मैरीऐन ने पहले च...

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